Indian Economy भारतीय अर्थव्यवस्था सामान्य ज्ञान: 40 महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित। यह सेट NCERT आधारित है और One Day Exams जैसे SSC, Railway, Police, Home Guard, Defence, State Exams की तैयारी के लिए बेहद उपयोगी है। को आसान भाषा में पढ़ें और अपनी परीक्षा तैयारी को मजबूत करें।
यहाँ क्लिक करें और पढ़ें:
UP Home Guard GK- 40 सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर
1) भारत में पंचवर्षीय योजनाओं की शुरुआत कब हुई?
(A) 1947
(B) 1951
(C) 1956
(D) 1962
Explain: भारत में पहली पंचवर्षीय योजना की शुरुआत 1951 में हुई। इस योजना का मुख्य उद्देश्य कृषि और बुनियादी ढाँचे को मजबूत करना था। इस योजना के माध्यम से भारत ने आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और गरीबी उन्मूलन के लक्ष्यों की दिशा में कदम उठाए। सरकार ने योजना के जरिए सामाजिक और आर्थिक संतुलन बनाए रखने की कोशिश की। पहली योजना ने देश की आर्थिक संरचना को व्यवस्थित रूप से विकसित करने का मार्ग तैयार किया।
2) भारतीय अर्थव्यवस्था किस प्रकार की अर्थव्यवस्था है?
(A) पूंजीवादी अर्थव्यवस्था
(B) समाजवादी अर्थव्यवस्था
(C) मिश्रित अर्थव्यवस्था
(D) सामंती अर्थव्यवस्था
Explain: भारत की अर्थव्यवस्था मिश्रित अर्थव्यवस्था (Mixed Economy) है, जिसमें सरकार और निजी क्षेत्र दोनों की भूमिका होती है। इसमें सार्वजनिक क्षेत्र (सरकारी उद्योग) और निजी क्षेत्र (निजी उद्योग) साथ-साथ काम करते हैं। यह मॉडल समाजवाद और पूंजीवाद दोनों के गुणों को मिलाकर बनाया गया है, ताकि सामाजिक न्याय और आर्थिक विकास दोनों को साधा जा सके।
3) हरित क्रांति मुख्यतः किससे संबंधित है?
(A) दुग्ध उत्पादन
(B) औद्योगिक उत्पादन
(C) मत्स्य उत्पादन
(D) खाद्यान्न उत्पादन
Explain: हरित क्रांति का उद्देश्य उच्च उपज वाली किस्मों (High-Yielding Varieties) और आधुनिक कृषि तकनीक के उपयोग से खाद्यान्न उत्पादन (विशेषकर गेहूँ और चावल) को बढ़ाना था।
4) भारत में राष्ट्रीय आय की गणना कौन करता है?
(A) RBI
(B) वित्त मंत्रालय
(C) राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय
(D) नीति आयोग
Explain: भारत में राष्ट्रीय आय की गणना पहले केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (CSO) करता था। वर्ष 2019 में CSO को राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण कार्यालय (NSSO) के साथ मिलाकर राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) का गठन किया गया। NSO, सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अधीन कार्य करता है। वर्तमान में राष्ट्रीय आय की गणना NSO (2019) द्वारा की जाती है
5) ‘GST’ किस प्रकार का कर है?
(A) अप्रत्यक्ष कर
(B) प्रत्यक्ष कर
(C) आयकर
(D) संपत्ति कर
Explain: GST एक अप्रत्यक्ष कर है जो वस्तुओं और सेवाओं पर लगाया जाता है।
6) भारत में ‘नोटबंदी’ किस वर्ष हुई थी?
(A) 2014
(B) 2015
(C) 2016
(D) 2017
Explain: 8 नवम्बर 2016 को ₹500 और ₹1000 के नोट बंद किए गए थे। इसका मुख्य उद्देश्य काले धन, भ्रष्टाचार और नकली मुद्रा पर नियंत्रण करना था।
7) ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम कब शुरू हुआ?
(A) 2012
(B) 2014
(C) 2016
(D) 2018
Explain: ‘मेक इन इंडिया’ योजना 25 सितंबर 2014 को शुरू की गई थी। यह योजना भारत सरकार ने इसलिए शुरू की ताकि भारत में ही चीज़ों का निर्माण हो। इससे विदेशी कंपनियाँ भारत में फैक्ट्री लगाएँ और लोगों को रोज़गार मिले। इसका लक्ष्य भारत को उद्योग और उत्पादन का बड़ा केंद्र बनाना है।
8) ‘नाबार्ड’ किस क्षेत्र से संबंधित है?
(A) उद्योग
(B) कृषि एवं ग्रामीण विकास
(C) शिक्षा
(D) परिवहन
Explain: (NABARD) का संबंध कृषि और ग्रामीण विकास क्षेत्र से है। यह संस्था किसानों, ग्रामीण उद्योगों और सहकारी बैंकों को वित्तीय सहायता देती है। नाबार्ड का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। यह कृषि, कुटीर एवं लघु उद्योगों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
9) ‘मुद्रास्फीति’ का अर्थ है
(A) कीमतों में गिरावट
(B) कीमतों में वृद्धि
(C) उत्पादन में वृद्धि
(D) निर्यात में कमी
Explain: (मांग-आपूर्ति असंतुलन और मुद्रा आपूर्ति वृद्धि।) मुद्रास्फीति तब होती है जब मुद्रा की मात्रा वस्तुओं की तुलना में बढ़ जाती है। यदि मांग अधिक और आपूर्ति कम हो जाती है तो कीमतें बढ़ने लगती हैं। उत्पादन लागत (जैसे ईंधन, मजदूरी) बढ़ने से भी वस्तुएँ महँगी हो जाती हैं। सरकार द्वारा अधिक सरकारी खर्च या घाटा भी मुद्रास्फीति को बढ़ाता है।
10) ‘नॉमिनल GDP’ किसे कहते हैं?
(A) स्थिर मूल्य पर GDP
(B) चालू मूल्य पर GDP
(C) विदेशी मुद्रा में GDP
(D) कृषि क्षेत्र की GDP
Explain: (वर्तमान कीमतों पर मापी गई GDP को नॉमिनल GDP कहते हैं) जिसमें देश के भीतर एक वर्ष में उत्पादित सभी अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का मूल्य वर्तमान वर्ष की कीमतों पर जोड़ा जाता है। इसमें मुद्रास्फीति या अपस्फीति का प्रभाव शामिल रहता है। इसलिए नॉमिनल GDP बढ़ने का कारण वास्तविक उत्पादन नहीं, बल्कि कीमतों में वृद्धि भी हो सकता है।